Thursday, October 11, 2018

पेट्रोल का रेट 82.36 रुपए हुआ, 6 दिन में 86 पैसे का इजाफा

नई दिल्ली. पेट्रोल गुरुवार को 9 से 10 पैसे महंगा हुआ। दिल्ली में रेट 82.36 रुपए और मुंबई में 87.82 रुपए हो गया। तेल कंपनियों ने डीजल की कीमतें 27 से 29 पैसे तक बढ़ाईं। चार अक्टूबर को केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 1.5 रुपए कम की। सरकार के निर्देश पर तेल कंपनियों ने 1 रुपया घटाया। इस तरह लोगों को 2.5 रुपए की राहत मिली। लेकिन, 6 से 11 अक्टूबर तक दिल्ली में पेट्रोल के रेट 86 पैसे बढ़ गए।
अगस्त से तेल के दाम लगातार बढ़ रहे थे। चार अक्टूबर को दिल्ली में पेट्रोल 84 और मुंबई में 91.34 रुपए हो गया। ऐसे में 5 राज्यों में चुनाव को देखते हुए केंद्र को टैक्स घटाने का फैसला लेना पड़ा। लेकिन, 6 अक्टूबर से पेट्रोल-डीजल के रेट फिर बढ़ने लगे।
तेल कंपनियां कच्चे तेल के रेट और डॉलर के मुकाबले रुपए की वैल्यू के हिसाब से हर रोज पेट्रोल-डीजल की कीमत तय करती हैं। ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर है। रुपया बुधवार को 74.21 पर बंद हुआ।
बेंगलुरु. आईटी कंपनी कॉगनिजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस (सीटीएस) ने इस साल अगस्त तक 200 कर्मचारियों को निकाल दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जो कर्मचारी बाहर किए गए उनमें डायरेक्टर और उससे ऊपर की पोस्ट वाले शामिल हैं। इन सभी को तीन से चार महीने की सैलरी दी जाएगी। इस पर 259 करोड़ रुपए (3.5 करोड़ डॉलर) का खर्च आएगा। बताया जा रहा है कि नई तकनीक के माहौल में जो कर्मचारी नहीं ढल पाए उन्हें बाहर कर दिया गया।
कॉगनिजेंट ने पिछले साल 400 वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने की योजना पेश की थी। लेकिन, इस बार कंपनी ने कर्मचारियों को सीधे बाहर कर दिया।
कॉगनिजेंट का कहना है कि ग्राहकों की जरूरतों और कारोबारी लक्ष्यों को पूरा करने में हर कर्मचारी सक्षम होना चाहिए। वर्कफोर्स मैनेजमेंट स्ट्रैटजी के तहत कुछ बदलाव करने पड़े जिससे कर्मचारियों को निकालना पड़ा।
हालांकि, कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कॉगनिजेंट के सीईओ फ्रांसिस्को डिसूजा के मुताबिक इस साल के आखिर तक कंपनी के क्लाउड वर्कफोर्स की संख्या 20 हजार से ज्यादा होने की उम्मीद है।
कॉगनिजेंट क्लाउड, एनालिटिक्स आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग जैसे तकनीकी सेक्टर में नए कर्मचारियों की भर्ती पर जोर दे रही है। इस साल जून में कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या 2 लाख 68 हजार 900 थी। यह पिछले साल जून के मुकाबले 12,100 ज्यादा है।
मुंबई. शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट आ गई। सेंसेक्स 1,000 और निफ्टी 300 अंक लुढ़क गया। हालांकि, निचले स्तरों से सेंसेक्स में 350 और निफ्टी में 110 अंक का सुधार हुआ। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स में शामिल 31 में से 30 शेयरों में गिरावट आई। निफ्टी की 50 कंपनियों में से 45 के शेयरों में नुकसान दर्ज किया गया। अमेरिका और एशियाई बाजारों की गिरावट से भारतीय बाजार में सेंटीमेंट बिगड़ गए।
टाटा स्टील और एसबीआई के शेयर 5% लुढ़क गए। वेदांता, इंडसइंड बैंक और इन्फोसिस में करीब 4% गिरावट आई। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 3.3% टूट गया। रियल्टी, आईटी, मेटल और बैंकिंग इंडेक्स में 4% तक गिर गए।
अमेरिकी शेयर बाजार की गिरावट का असर सभी एशियाई बाजारों पर पड़ा है। जापान का इंडेक्स निक्केई गुरुवार को 3.41% गिर गया। हॉन्ग कॉन्ग का हेंगसेंग 3.53% लुढ़क गया। सिंगापुर के बाजार में 2.64% गिरावट आई।
अमेरिकी डाओ जोंस बुधवार को 3.15% की गिरावट के साथ बंद हुआ। यह फरवरी 2018 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। कारोबारियों के मुताबिक अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने से वहां के बाजार दबाव में हैं। अमेरिका-चीन से बीच ट्रेड वॉर से भी निवेशकों में चिंता है।
डॉलर के मुकाबले रुपया भी 74.47 के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया। जनवरी से रुपए में लगातार गिरावट का दौर बना हुआ है। इस साल यह 17% कमजोर हो चुका है।

Tuesday, September 25, 2018

महसूस कीजिए बच्चों की मासूम हरकतें

आधारशिला’ का हालिया अंक सातवें दशक के कथाकार पानू खोलिया के रचनाकर्म को समझने की नई दृष्टि देता है। पानू खोलिया की गिनती उन संवेदनशील कथाकारों में होती है, जिनकी धर्मयुग, साप्ताहिक हिंदुस्तान, सारिका  आदि प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित आरंभिक रचनाओं ने ही उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिला दी। ‘दंडनायक’, ‘अन्ना’, ‘एक किरती और’ जैसी मर्मस्पर्शी कहानियों के संग्रहों के साथ ही उनके उपन्यास भी खूब चर्चित हुए।
कालांतर उनके दो उपन्यास– ‘वाहन’ और ‘मुझे मेरे घर जाने दो’ प्रकाशित हुए। इसके साथ ही उनके दो उपन्यासों – ‘सत्तर पार के शिखर’ और ‘टूटे हुए सूर्यबिम्ब’ तथा दो कहानी संग्रह ‘अन्ना’ और ‘दण्डनायक’ ने उन्हें चौतरफा ख्याति दिलाई। आधारशिला के समीक्ष्य अंक में खोलिया जी की आठ बहुचर्चित कहानियां—दण्डनायक, पनचक्की, विपरीत धार, प्रतिचोट, समाधि, अकेले वोट का हकदार, अन्ना, और तुम्हारे बच्चे- भी शामिल की गई हैं। समीक्ष्य अंक में उनके रचनाकर्म पर आलोचनात्मक लेख तथा रचनाओं पर प्रतिष्ठित साहित्यकारों की टिप्पणियां भी शामिल हैं। अंक में पानू खोलिया का आत्मकथ्य— ‘अपनी ही राख से पुनर्जीवित होना’, उनसे दिवाकर भट्ट की बातचीत, उनके प्रकाश्य उपन्यास ‘कालियघाट का सच’ का अंश और उनकी दो कविताएं भी शामिल हैं। दिवाकर भट्ट ने पानू खोलिया पर आधारशिला का विशेषांक निकालकर सार्थक कार्य किया है।
0पत्रिका : आधारशिला (पानू खोलिया विशेषांक) 0सम्पादक : दिवाकर भट्ट 0संपादकीय कार्यालय : बड़ी मुखानी, हल्द्वानी 0पृष्ठ संख्या : 112 0मूल्य : रु.100.मैं हिन्दी सेवी तो था, लेकिन मेरे पास प्रमाण-पत्र नहीं था। लिखने को हिन्दी में खूब लिखा और छपवाया, परन्तु प्रमाण-पत्र किसी भी संस्था में नहीं दिया। मैं बड़े पशोपेश में था कि प्रमाण-पत्र मिल जाये तो हिन्दी सेवी होने का गौरव भी मुझे मिल जाये।
राधेलाल मेरे परमप्रिय हैं। उन्हें अभी ताजा-ताजा ही दिल्ली की किसी गुमनाम संस्था ने हिन्दी सेवी होने का प्रमाण-पत्र दे दिया था, जिसका समाचार उन्होंने सचित्र स्थानीय समाचार-पत्रों में छपवाकर अपनी धाक जमा ली थी। मैं राधेलाल के पास गया और बोला— ‘अमां यार राधेलाल, दोस्त हो लेकिन काम दुश्मनों के जैसे करते हो। खुद ने मार लिया प्रमाण-पत्र और हम बैठे हैं हाथ पर हाथ धरे। दोस्ती का चमत्कार दिखाओ और एक अदद प्रमाण-पत्र सम्मान हमें भी कहीं से दिलाओ।’
राधेलाल के गर्व से रोंगटे खड़े हो गये। वैभवपूर्ण मुस्कान के बाद मुझसे बोले— ‘शर्मा हिन्दी के लिए कुछ करो। प्रमाण-पत्र हमारी तरह तुम्हें भी देने वाले पचास आ जायेंगे। कोरे कागज काले करने से तो हिन्दी सेवी कहलाने से रहे। हो सके तो हमारी तरह हिन्दी के लिए काम करो।’
‘आपकी तरह? आपने हिन्दी के लिए कौन-सा तीर मारा है। मेरा मतलब आपके बच्चे अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ते हैं, आप खुद कहीं बोलते हो तो अंग्रेजी में, फिर आपकी ऐसी कौन-सी विशेषता है, जिससे आपको हिन्दी सेवी होने का गौरव मिल गया है।’ राधेलाल बोला— ‘शर्मा, न किसी से मिलते हो, न किसी के साथ उठते-बैठते हो। दो पैसे खर्च करना भी सीखो प्यारे भाई। केवल काम के बूते पर हिन्दी सेवी सेठ गोविन्द दास नहीं बना जा सकता। इस हाथ देवो, उस हाथ लेवो। तुमसे क्या छिपाना, जिस संस्था ने मुझे हिन्दी सेवी होने का प्रमाण-पत्र दिया है, उसे मैंने पूरे पांच सौ रुपये नकद का चंदा दिया है।’
‘अरे वाह यह भी कोई बात हुई। हिन्दी सेवी होने के लिए चन्दा महत्वपूर्ण और काम करना फिजूल बात।’
राधेलाल बोला— ‘यहीं तो डिफीट खा गये शर्मा। हिन्दी की रट लगाने से कुछ नहीं होगा। तुम बटुक लाल से मिलो। वह हर हिन्दी दिवस को हिन्दी प्रेमियों को ऑनर देता है। मालायें और मंच उसका, श्रीफल व शाल तुम्हारा। प्रमाण-पत्र तो फ्री में मिलेगा ही मिलेगा।’ ‘बटुक लाल, यह किस चिड़िया का नाम है?’ मैंने पूछा।
राधेलाल ने कहा— ‘यह तुम्हारे काम की चिड़िया है और इसका पता है—हिन्दी सेवी समिति, निराला मार्ग, जवाहर नगर। कोई दिक्कत हो तो मेरे हवाले से बात कर लेना। तीन-चार बैठकें करनी होंगी उनके साथ। थोड़ा पीते-वीते हैं, लेकिन आदमी भले हैं। तुम्हारा काम कर देंगे। उन्हें भी हिन्दी दिवस के लिए हिन्दी सेवी चाहिए।’
बटुक लाल के घर पहुंचा तो वे हिन्दी सेवियों की सूची को ही अन्तिम रूप दे रहे थे। मैंने परिचय दिया और मन्तव्य बताया तो वे खुश हो गये, बोले— ‘सही समय पर आ गये। मैं बस फाइनल कर ही रहा था। प्रेस-नोट आज चला जायेगा। बोलो कैसे क्या करना है?’
मैंने अपना हिन्दी सेवी और पुस्तक लेखन का बायोडेटा निकाला तो वे बोले— ‘इसे रख लो अपनी जेब में। दूसरी जेब को टटोलिये, वह कितनी भरी है। भाई हमारी संस्था नामी है। अंग्रेजीदां लोगों को भी हिन्दी सेवी बना चुकी है। हिन्दी सेवा का मेवा लेना चाहते हो तो भाई हमारी संस्था के घाटे को पूरा करो। परसों मालाओं से लाद देंगे, प्रमाण-पत्र तो देंगे ही। बोलो चुप क्यों हो?’
मुझे उत्तर देते नहीं बना। हिन्दी सेवा का बायोडेटा जेब में डाला और हाथ जोड़कर उनसे विदा हो लिया।

Thursday, September 6, 2018

आज की पाँच बड़ी ख़बरें: हिंदू धर्म के ग़लत प्रचार के आरोप में 271 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हिंदू धर्म को लेकर ग़लत प्रचार और लोगों को लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के आरोप में कोर्ट ने 271 लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है.
इन 271 लोगों में ज़िले के तीन पादरी हैं, बाकियों को इनका अनाम सहयोगी बताया गया है. कोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता की याचिका पर दिया है.
याचिकाकर्ता ब्रजेश सिंह ने आरोप लगाया था कि जौनपुर, आज़मगढ़, वाराणसी और गाज़ीपुर ज़िले में लोगों को पिछले कुछ सालों से बालदेह गांव में चर्च की प्रार्थना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया.
आरोप है कि चर्च में प्रत्येक रविवार और मंगलवार की प्रार्थना के बाद उन्हें हिंदू धर्म के बारे में ग़लत बातें बताई जातीं और ईसाई धर्म को अपनाने के लिए कहा जाता है.
एफ़आईआर में कहा गया है कि चर्च में पूजा के बाद अभियुक्त उन्हें नशे की प्रतिबंधित दवाइयां देते हैं और इसी दौरान उनका धर्म परिवर्तन कर उन्हें ईसाई बनाया जाता है.
ब्रजेश सिंह ने एफ़आईआर दर्ज करवाने के लिए दो अगस्त को कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, इसके बाद कोर्ट ने 31 अगस्त को मामले में एफ़आईआर दर्ज कराने के आदेश दिए.प्रीम कोर्ट गुरुवार को दो वयस्कों के बीच आपसी सहमति से बने समलैंगिक सम्बन्धों को अपराध ठहराने वाली आईपीसी की धारा-377 पर फ़ैसला सुना सकता है.
फ़ैसला सुनाने वाली पांच जजों की संवैधानिक पीठ में चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा भी शामिल हैं.
मौजूदा वक़्त में समलैंगिक सम्बन्धों का आरोप साबित होने पर उम्रक़ैद तक की सज़ा हो सकती है. देश के एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोग और मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे समलैंगिकों के अधिकारों का हनन बताते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने साल 2013 में दिल्ली हाई कोर्ट के 2009 के फ़ैसले को पलटते हुए इसे अपराध की श्रेणी में डाल दिया था.ससी-एसटी एक्ट में संशोधन कर उसे मूल स्वरूप में बहाल करने के विरोध में सवर्ण समुदायों ने गुरुवार यानी 6 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सवर्ण लामबंद हो रहे हैं. हालांकि सबसे मुखर विरोध मध्य प्रदेश में नजर आ रहा है.
एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के विरोध में दलित संगठनों ने जब इसी साल 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया था तब सबसे ज़्यादा हिंसा मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल में हुई थी.
इसी कारण भारत बंद को देखते हुए मध्य प्रदेश के तीन ज़िलों मुरैना, भिंड और शिवपुरी में एहतियात के तौर पर धारा 144 लगा दी गई है जो 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी.
इसके अलावा पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और भारत बंद के मद्देनजर ग्वालियर के सभी स्कूल और कॉलेज को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं.
दरअसल एससी-एसटी एक्ट के मूल स्वरूप में केस दर्ज होते ही गिरफ़्तारी का प्रावधान है और साथ ही आरोपी को अग्रिम जमानत भी नहीं मिल सकेगी.म्मू-कश्मीर में आज से शुरू होगी सालाना कैलास मानसरोवर यात्रा. इस यात्रा में पहली बार श्रद्धालु हेलिकॉप्टर सेवा का इस्तेमाल करेंगे.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए हेलिकॉप्टर सेवा पहली बार शुरू की जा रही है जिसमें भद्रवाह से श्रद्धालु महज आठ मिनट में कैलास मानसरोवर के पास ऋषि डुल स्थित आधार शिविर पहुंच सकेंगे. हेलिकॉप्टर सेवा छह से नौ सितंबर तक सिर्फ तीन दिनों के लिए उपलब्ध होगी.
ज़िला प्रशासन के अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि यात्रा के लिए छड़ी करीब 13,000 फ़ुट की ऊंचाई पर स्थित भद्रवाह से कैलास कुंड में वासुकी नाग मंदिर से ली जाएगी.
श्रद्धालु उधमपुर एवं कठुआ से पैदल यात्रा करते हुए विभिन्न मार्गों से होते हुए मुख्य मंदिर कैलास कुंड पहुंचेंगे.
अमरीका ने निकारागुआ से राजनीतिक कारणों से पिछले पांच महीनों से हिरासत में रखे गए सरकार विरोधी कार्यकर्ताओं को रिहा करने का आग्रह किया है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमरीकी राजदूत निकी हेली ने राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा की सरकार पर लोगों के मूलभूत मानवाधिकारों को नज़रअंदाज़ करने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि इस अशांति से हिंसा और अस्थिरता फैली है.
हिंसा में 300 से अधिक लोगों को मारे जाने का अंदेशा है. वहीं, निकारागुआ के उप-राष्ट्रपति रोसारियो मुरियो ने कहा कि उनका देश बाहरी शक्तियों से भयभीत नहीं होगा.
हिंसा की जांच कर रहीं फ़्रांस्वा हैंपसन ने कहा कि मरे हुए लोगों की संख्या का सही अनुमान लगाना मुश्किल है.

Wednesday, August 29, 2018

飓风“哈德哈德”引发尼泊尔喜马拉雅山麓雪崩

一周前,飓风“哈德哈德”登陆孟加拉湾,给尼泊尔喜马拉雅山麓带来了大雪和强降雨。当地已确认死亡人数至少为19人,另有数百人下落不明。
当局称,已派出五架直升机沿着尼泊尔西部安纳普尔纳峰周围著名的徒步环游路线寻找失踪人员。据报道,当时这一地区至少有300名徒步旅行者。遇难者多为外国人,其中包括一名印度人。
周三晚些时候,救援人员在马南地区找到13名遇难者遗体。周四清晨救援人员在尼泊尔西部莫斯坦地区海拔约为5500米处的Thorangla山口又找到了5名遇难者遗体。当局称,救援人员已救出5名尼泊尔人与9名外国人,其中有4名为印度人。
马南区区长德文德拉·拉米查尼说道:“我们紧张的营救搜索工作正在进行。由于现在是徒步旅行旺季,我们还无法确定失踪人数。”
据尼泊尔徒步旅行协会( )称,当时徒步旅行的人数至少有300人,但目前还未能与众多徒步旅行团取得联络。尼泊尔徒步旅行协会搜救协调员凯沙夫·潘迪说道:“之前并未将旅行机构在游客登山前派出的预备团人数计算在内,因此失踪人数确实难以估计。目前我们也正从各个旅行机构收集信息。”
每年都有数百人参加为期一周的安纳普尔纳峰的徒步环游旅行。潘迪说,从周一开始就一直雨雪交加,因此很多处于高海拔的人都被困住了。
政府间气候变化专门委员会( )的气候科学家之前就曾发出警告:气候变化很有可能会使暴风雪变得更加严重和频繁。
尼泊尔政府还未就此事件发表任何官方声明。马南区的拉米查尼说道:“大部分旅行者是在被暴雪困住后死亡,还有少数人是因为迷路而丧生。”
飓风“哈德哈德”在进入内陆前就已经给印度东部沿海城市维萨卡帕特南造成了严重破坏。正常情况下,飓风在陆地上的强度会迅速减弱。而此次却极为反常,飓风“哈德哈德”在穿过印度河-恒河平原进入喜马拉雅山后强度却丝毫不减。这是自2009年以后第二次发生这种反常情况。
2009年,飓风“艾拉”在印度-孟加拉国边境急速上升,直奔不丹,给当地造成严重损失。据政府报道,飓风“哈德哈德”不仅造成印度沿海地区21人死亡,还导致远离沿海地区的印度北部北方邦地区19人遇难。之后飓风“哈德哈德”便长驱直入,进入喜马拉雅山地区。

Wednesday, August 8, 2018

德里雾霾“红警”映射出全球气候行动的失败

由于空气污染严重,德里采取了类似北京空气污染红色预警的强干预手段,包括学校停课。但解决空气污染问题的明确方案却尚未产生,各地方政府彼此之间,以及地方与中央政府机构之间还在相互指责。

印度环境部长哈什·瓦尔丹建议居民不要恐慌,并表示政府已经制定了分级预警行动计划。但该计划据称已经实施了12个月之久,却似乎并没有起到什么作用,德里的空气污染却还是跟去年一样糟糕。

解决德里的空气污染问题有一个显而易见但却成本很高的办法。印度北部地区高达90%的空气污染是由于邻近的旁遮普邦和哈里亚纳邦的农民焚烧秸秆所致。印度政府已经制定出了解决计划,但由于相关各邦无法就4.6亿美元的成本如何分担达成一致意见,该计划也就随之破产。

政府已经在气候变化适应问题上花费了大量资金。一项研究表明, 2013-2014财年印度在这个问题上共花费了918亿美元,预计到2030年该数字将增至3600亿美元。



10月20日NASA的卫星图片显示了,大面积的焚烧秸秆所产生的污染围绕着德里。()

直接损失

2016年,据非政府组织“德国观察”(Germanwatch)估计,极端天气事件造成印度基础设施直接损失高达210亿美元,几乎相当于其GDP总量的1%,并与印度的全年卫生预算不相上下。

因此,德里的雾霾让我们看到了气候变化给发展中国家带来了怎样深重的影响,而这在很大程度上是由发达国家的历史碳排放造成的。

像印度这样的国家在处理这些问题时,承受着巨大损失和费用,从而无法将资金用于那些简单易行但却成本很高的解决方案,这样一来,反而产生了巨大的碳排放。印度人焚烧农作物将不可避免地增加大气中的碳浓度,进而加剧了全世界共同面临的气候变化问题。

问题更严重的是,那些为了保护自己而不得不应对此类问题的国家还必须要提高国内生产总值。在今年波恩气候谈判召开之前专为印度记者举行的一次信息发布会上,德国驻印度大使馆经济、环境和城市发展参赞托马斯·哈格贝克介绍了德国的低碳转型战略。他强调,化石能源转型并不是没有成本的,而且需要大量的资金投入。

德国的人均GDP近42000美元,而印度仅为1850美元。因此,作为仅次于中国、美国和欧盟的第四大碳排放国,印度及其他发展中国家可能会采用那些简单易行、价格低廉的技术来提高国内生产总值,一部分原因是因为适应气候变化
的成本太高。如此一来,燃煤电厂仍是亚洲能源增长的主要驱动力之一也就不足为奇了。

是时候为污染“买单”了

环境污染具有扩散性和长期性,而且众所周知也是未纳入经济核算的主要成本之一。但现在是时候该为此“买单”了。同前几代人相比,现在这一代人是一千年以来首次出现平均寿命缩短的一代。我们的孩子正在为此付出代价,这很大程度上是空气污染造成的。

从今年波恩气候谈判开幕的那一刻起,有关发达国家应如何履行对发展中国家的义务,弥补后者因气候变化而承担的成本和损失的议题,为大会的进程蒙上了一层阴影。

德里的雾霾与全球大背景息息相关,如果没有一个全球性解决方案,德里的雾霾也无法消散。从长远来看,发达国家拒绝讨论这一问题损害的将是我们所有人。

Wednesday, May 9, 2018

गुमराह युवा जान लें कि कश्मीर की आजादी की मंशा कभी पूरी नहीं होगी: आर्मी चीफ बिपिन रावत

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कश्मीर में अशांति फैलाने वाले गुटों को चेतावनी दी है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि कश्मीर की आजादी के लिए हथियार उठाने वाले युवा जान लें कि उनकी यह मंशा कभी पूरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आप हमसे लड़ोगे तो हम आपसे लड़ेंगे।.
युवाओं को गुमराह किया जा रहा
- सेना प्रमुख ने कहा, कश्मीरी युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्हें कहा जा रहा है कि इस रास्ते पर चलने से आजादी मिलेगी।
- रावत ने कहा, "मैं कश्मीरी युवाओं को बता देना चाहता हूं कि कश्मीर की आजादी नामुमकिन है। यह कभी नहीं होने वाला।"
मैं मारे गए आतंकियों की संख्या नहीं देखता
- रावत ने कहा, "मैं सेना के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की संख्या को अहमियत नहीं देते। यह तो चलता रहेगा। नई भर्तियां होती रहेंगी। यह सब बेमानी है। इससे (आतंकियों को) कुछ भी हासिल नहीं होने वाला। आप सेना का मुकाबला नहीं कर सकते।
युवा मरते हैं तो दुख हमें भी होता है
- जनरल रावत ने कहा कि मुठभेड़ में युवा मारे जाते हैं तो दुख हमें भी होता है। हमें इस पर कोई खुशी नहीं होती। लेकिन वो लड़ते हैं तो हमारे पास भी भरपूर ताकत से मुकाबला करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचता।
सीरिया-पाकिस्तान की सेना जैसे हम क्रूर नहीं
- सेना प्रमुख ने कहा कि कश्मीरी युवाओं को समझना चाहिए कि भारतीय सुरक्षाबल दूसरे देशों जैसे क्रूर नहीं हैं। सीरिया और पाकिस्तानी तो ऐसे हालात से निपटने के लिए टैंकों से और हवाई हमले किए जाते हैं। दूसरी तरफ, हमारी सेना नागरिकों की हिफाजत के लिए हर मुमकिन कोशिश करती है।
युवाओं को गुमराह किया जा रहा
- सेना प्रमुख ने कहा, कश्मीरी युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्हें कहा जा रहा है कि इस रास्ते पर चलने से आजादी मिलेगी।
- रावत ने कहा, "मैं कश्मीरी युवाओं को बता देना चाहता हूं कि कश्मीर की आजादी नामुमकिन है। यह कभी नहीं होने वाला।"
मैं मारे गए आतंकियों की संख्या नहीं देखता
- रावत ने कहा, "मैं सेना के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की संख्या को अहमियत नहीं देते। यह तो चलता रहेगा। नई भर्तियां होती रहेंगी। यह सब बेमानी है। इससे (आतंकियों को) कुछ भी हासिल नहीं होने वाला। आप सेना का मुकाबला नहीं कर सकते।
युवा मरते हैं तो दुख हमें भी होता है
- जनरल रावत ने कहा कि मुठभेड़ में युवा मारे जाते हैं तो दुख हमें भी होता है। हमें इस पर कोई खुशी नहीं होती। लेकिन वो लड़ते हैं तो हमारे पास भी भरपूर ताकत से मुकाबला करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचता।
सीरिया-पाकिस्तान की सेना जैसे हम क्रूर नहीं
- सेना प्रमुख ने कहा कि कश्मीरी युवाओं को समझना चाहिए कि भारतीय सुरक्षाबल दूसरे देशों जैसे क्रूर नहीं हैं। सीरिया और पाकिस्तानी तो ऐसे हालात से निपटने के लिए टैंकों से और हवाई हमले किए जाते हैं। दूसरी तरफ, हमारी सेना नागरिकों की हिफाजत के लिए हर मुमकिन कोशिश करती है।